मेरा नाम राज है, मेरी उम्र २२ साल है ! मेरा शरीर मजबूत है क्यूंकि मैं बॉडी बिल्डिंग भी करता हूँ। मैं अन्तर्वासना की कहानियां हर सुबह पढ़ता हूँ ! मैं अपने जीवन की एक सच्ची कहानी लिख रहा हूँ !

हमारे घर के सामने नई नई एक शादी हुई ! मैं उनकी शादी में तो नहीं गया था ! इसलिए मैं उनके घर नहीं जाया करता था, परन्तु मैं अपनी गली में किसी की बात नहीं मोड़ता था, जिसकी वजह से सब लोग मुझे ही काम के लिए बुलाते थे।

एक दिन उस नई भाभी ने भी मुझे बुलाया और मैंने उनका जो काम था कर दिया। इस तरह मेरी उनसे बातें होने लगी।

धीरे-२ मैंने उनको कहा- मेरी किसी लड़की से बात करवा दो !

तो उन्होंने कहा- किस से?

मैंने कहा- किसी से भी !

उसने कहा- ठीक है, मैं देखती हूँ !

कुछ दिनों तक मैं उनके घर नहीं गया क्यूँकि मेरे दोस्त की उनके रिश्तेदार से लड़ाई हो गई! फिर कुछ साल बीतने के बाद मेरी भाभी से बात हुई पर तब तक तो उनके दो बच्चे हो चुके थे। मैंने भाभी से कहा- मिली कोई लड़की ?

तो उसने कहा- एक थी ! पर उसका रिश्ता हो गया है !

मेरी दिल में एक बात आई और मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई भी लड़की नहीं है, वो सिर्फ आप हो !

तो मैंने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया ! उसने कहा- राज तुम्हें यह कैसे पता लगा कि मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ?

कुछ दिन बीत गए ! मैं उनसे नहीं मिला ! एक दिन उनके घर पर कोई नहीं था ! (मैं आपको बताना भूल गया कि उनके परिवार में उनका पति, देवर, सास, देवरानी और दो बच्चे हैं !) मैंने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया ! भाभी ने कहा- यह क्या कर रहे हो !

मैंने कहा- कोई हमारी बातें न सुन ले !

तो उसने कहा- ठीक है, बोलो !

मैंने कहा- बोलना क्या है, एक पप्पी तो दे दो !

उसने थोड़ा दूर होते हुए मना कर दिया। मैं उठ कर गया और ज़बरदस्ती उसे चूमने लगा। थोड़ी देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी !

मैंने उससे कहा- नीचे की चीज़ कब दे रही हो?

उसने कहा- मम्मी आ रही होंगी, हम यह सब किसी और दिन करेंगे।

मैं वहाँ से चला आया ! वो रोज किसी काम से मुझे अपने घर अपनी सास के सामने बुलाती और पीछे के कमरे में मेरा साथ चूमा-चाटी करती।

फिर एक दिन मैंने उससे कह दिया- जब मुझे चूत दोगी तभी मुझे बुलाना !

एक दिन उसका फ़ोन आया, उसने कहा- कोई काम है तुम आ जाओ !

मैं उसके घर गया तो उसने बोला- कापियाँ ला दे !

मैंने कहा- पहले मुझे वो दो !

उसने कहा- आकर कर लेना !

मैंने कहा- कर के ही जाउंगा !

वो लेट गई, मैंने उसकी सलवार उतारी और उसे हाथों से चोदना शुरू कर दिया ! वो सिसकियाँ लेने लगी ! मैंने उसका कमीज उतारा और उसकी चूचियाँ दबाने और चूसने लगा।

वो कहने लगी- अब जाओ !

मैंने कहा- अभी तो इसे चूसो !

उसने मना कर दिया, कहने लगी- मुझे उलटी आती है।

फिर मैंने उसे ज्यादा मजबूर नहीं किया, अपना लंड उसकी गीली चूत पर रखा, वो एक दम से अन्दर चला गया, मुझे मज़ा नहीं आया तो मैंने उसकी टांगों को एक दूसरे पर तिरछा कर दिया। अब मुझे मज़ा आने लगा और वो चिल्लाने लगी- बस अब और नहीं मारो !

मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने उसको उल्टा किया और उसके ऊपर लेट गया।

उसने कहा कि वो गांड नहीं देगी।

मैंने कहा- मैं चूत ही मारूंगा !

उसने कहा- देखो, गांड मत मारना !

मैं उसकी गर्दन आगे करके बीच में बैठ गया और एक झटके से उसकी गांड में लंड पेल दिया, वो तड़पने लगी क्यूंकि मैंने उसकी लातों को बांध दिया था जिसका उसे पता नहीं लगा। वो रोने लगी और मुझे हंसी आ रही थी, मैंने कहा- क्यूँ साली, बहुत तड़पाया है तूने !

जब मेरा छुटने को आ रहा था तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसकी चुचियां गीली कर दी।

उसने कहा- यह तुमने ठीक नहीं किया राज !

मैंने कहा- कॉपी लेनी है या नहीं !

वोह कहती- यह सब करने में १ घंटा लग गया और तुमने कहा था सिर्फ पांच मिनट !

मैंने सॉरी कहा और अपने दोस्त की दुकान से कॉपियाँ लाकर दे दी।

वो मुझ से नाराज़ होने का नाटक करने कगी तो मैंने उसे मनाने के लिए ५ रुपये की चोकलेट लाकर दे दी। उसने कहा कि वो नहीं खायेगी!

मैंने कहा- तुम मुझे प्यार नहीं करती तो मैं जा रहा हूँ !

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