मिल-बाँट कर..-3

0
प्रेषक : सुशील कुमार शर्मा और भी है कोई यहाँ तुम्हारे सिवा? दुल्हन का मत्था ठनका।”

हिंदी सेक्सी स्टोरी: तीन भाभियों की किस्मत मेरे हाथ-3

0
बसंती के जाने के बाद तीन दिन तक कुछ नहीं हुआ। मैं हर रोज़ उसकी चूत याद करके मुठ मारता रहा। चौथे...

कामिनी की बाहों में-1

0
लेखिका: अलीशाआज मैं आपको अपनी एक सहेली की कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरी एक बहुत ही प्यारी सहेली...

सब्र का फ़ल-2

0
तभी बॉबी ने मुझे गोदी में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया. दूसरे ने मेरे दोनों हाथ दबा लिये. मेरे अंग अंग...

कोई बचा ले मुझे-2

0
कोई बचा ले मुझे-1विपिन घायल हो कर मेरे ऊपर चढ़ा जा रहा था. अपने आप को मेरे बदन पर सेट कर रहा...

वफ़ा या हवस-4

0
शैलीन- जल्दी से फ्रेश हो जाओ!मैं- क्यों भाभी?शैलीन- फिर भाभी?मैं- सॉरी शैलीन, लेकिन क्यों?शैलीन- सरप्राईज़ है तुम्हारे लिए! मैं...

ममेरी बहन की ननद-2

0
प्रेषक : शिमत प्रथम भाग से आगे : फिर दीदी ने कहा- तुम दोनों एक दूसरे...

पति की कल्पना-1

0
मैं पिछले कुछ दिनों से अन्तर्वासना नियमित रूप से पढ़ती हूँ। बहुत बार मुझे लगता था कि ये सब कहानियाँ सच नहीं...

पति की कल्पना-2

0
मैं भी मन ही मन में किसी और से चुदवाने के बारे में सोचने लगी थी। कोई हट्टा-कट्टा मर्द दिखाई दे तो...

प्यासी की प्यास बुझाई-1

0
यदि आपने मेरी कहानी पड़ोसन को गर्भवती किया पढ़ी हो तो आपको मेरे बारे में जानकारी हो गई होगी। मैंने आपके ईमेल पढ़े, मुझे...