आदरणीय पाठको,
मेरी कहानी  अन्तर्वासना पर आ चुकी है! शायद आप लोगों को अच्छी लगी होगी! मैं आप लोगों से क्षमा चाहता हूँ क्योंकि मेरा इमेल आईडी गलत लिखा गया! मेरा सही इमेल कहानी के अन्त में है!
हाँ आगे की घटना इस प्रकार है :

जब तक बड़ी बहन की शादी नहीं हो गई हम चारों रोज ही चुदाई और लंड चुसाई का मजा लूटते रहे! बाद में जब एक बहन की शादी हो गई तो हम तीनों यानि भैया, मेरी बहन और मैं लगभग रोज ही चुदाई करते रहे! चूंकि मेरा लंड भैया से बड़ा और मोटा था तो मेरी बहन मुझसे चुदाना पसंद करती थी! लेकिन भैया को भी चोदने देना पड़ता था! मज़बूरी भी थी और वो पहले से ही उसको चोदता था!

इस बीच जब भी ताउजी की लड़की से जब भी फ़ोन पर बात होती थी तो कहती- संजय तेरी बहुत याद आती है!
मैंने कहा- आ जाओ ना!
उसने कहा- आने का तो बहुत मन है! तेरा लंड चूसने और तुझसे चुदवाने का बहुत मन करता है!
मैंने पूछा- क्या जीजा जी नहीं चोदते?
तो उसने रोते हुए कहा- उनका लंड छोटा भी है और तेरे जैसा ज्यादा मजा भी नहीं देते!
मैंने कहा- मैं ही आ जाता हूँ!
उसने कहा- जल्दी से आ जाओ!

उसके बाद मैंने उसकी ससुराल जाने के लिए किसी तरह अपने घर वालों को राजी किया और उसके यहाँ पहुँच गया!
वहां पहुँचते ही उसने मुझे गले लगा लिया और मुझसे बुरी तरह से लिपट गई और मुझे चूमने लगी!
मैंने उससे पूछा- घर में कोई नहीं है क्या?
तो उसने कहा- माँ, बाबूजी और तेरे जीजा काम पर गए हैं, शाम को ही आएंगे!

तो मैंने उससे एक बार चुदाई करने को कहा क्योंकि मैं तो उसको चोदने को मरा जा रहा था!
उसने कहा- भैया जल्दी से चोद लो! मैं भी तो मरी जा रही हूँ चुदवाने के लिए! लेकिन जरा जल्दी करना, क्योंकि मेरी ननद कालेज से आने ही वाली होगी!
मैंने कहा- कोई बात नहीं! उस साली को भी चोद देंगे!

उसके बाद हम दोनों जल्दी जल्दी नंगे हो गए! और वो मेरा लंड बहुत मस्ती से चूसने लगी! मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाला और उसकी चूत में ठोक दिया!
एक बार जल्दी से चोद कर मैं नहाने चला गया!

जब नहा कर वापिस आया तो देखा कि एक 19 साल की बला की खूबसूरत लड़की बैठी हुई टीवी देख रही है!
उसको दीदी की शादी में देखा था, पर अब कुछ ही महीनों में साली गजब की लग रही थी! मेरी तो हालत ख़राब हुई जा रही थी!
मेरा लंड पैंट में खड़ा हुआ जा रहा था!

इतने में दीदी आ गई और मेरा उससे परिचय कराया तो उसने कहा- मैं पहले से ही जानती हूँ!
मैंने उसको आँख मार दी, उसने कुछ नहीं कहा, केवल मुस्करा दी!
मैंने सोचा कि लगता है जल्दी ही काबू में आ जायेगी!

बाद में दीदी के सास ससुर और मेरे जीजा भी आ गए! मैंने सब को प्रणाम किया! सब खुश हो गए!!

रात में खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे!
दीदी के सास ससुर एक कमरे में, दीदी जीजाजी दूसरे कमरे में चले गए! दीदी की ननद (गुड़िया) और मैं, हम हॉल में बैठ कर टीवी देखने लगे!

मैंने लुंगी और बनियान और गुड़िया ने नाईटी पहनी हुई थी! गुड़िया तो टीवी देख रही थी पर मेरी नजर गुड़िया के वक्ष पर ही लगी थी!
उसने कहा- संजय, क्या देख रहे हो!
मैंने कहा- कुछ नहीं!

पर मेरी नजर तो उसके स्तनों से हट ही नहीं रही थी! क्या मस्त चुचे थे! मन किया कि अभी दबा दूँ जोर से! पर आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई! खैर हम दोनों बैठे बैठे टीवी देखते रहे!
इतने में टीवी पर एक लव सीन आ गया! जिसको देखते हुए वो मेरी तरफ भी देखने लगी! मैं समझ गया कि साली तैयार है! पर उसको छूने की हिम्मत नहीं हो रही थी!

मैं किसी तरह मन दबा कर बैठा था कि इतने में वो एक हल्की सी चीख मार कर मुझ से लिपट गई! मेरी तो लाटरी ही जैसे निकल गई!
मैंने उसको अपने से चिपकाये पूछा कि क्या हुआ!
उसने कहा- देखो, वहाँ कोकरोच है और मुझे बहुत डर लगता है!
मैंने उसको अपने से चिपटाए रखा लेकिन कोकोरोच भगाने की कोई कोशिश नहीं की!

फिर मैंने धीरे धीरे अपने हाथ से उसकी चुचियों को सहलाने लगा। उसने कोई विरोध नहीं किया तो मैं कुछ जोर से दबाने लगा! वो सिसकारियाँ भरने लगी और जोर जोर से मुझ से लिपटने लगी! मैं खुश हो गया और उसकी चूची निकल कर चूसने लगा! वो भी पूरा सहयोग देने लगी!

मैं उसकी नाइटी उतार कर उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा! वो पूरी मस्ती में आ गई और मेरा लंड हाथ में लेकर सहलाने लगी!
मुझे बहुत ही मजा आ रहा था!
मैंने कहा- मैं तुझे चोदना चाहता हूँ!
उसने कहा- मैं भी कब से चुदवाने को मरी जा रही हूँ!
मैंने कहा- मेरा लंड चूसो!

वो एक दम तैयार हो गई और मेरा लंड चूसने लगी मैं भी उसकी चूत चूसने लगा! हम दोनों को काफी मजा आ रहा था।
कुछ देर बाद वो बोली- संजय, अब बर्दाश्त नहीं होता! एक बार जल्दी से चोद दो!

मैं भी वही चाहता था! करीब 15-20 मिनट तक मैं उसको चोदता रहा! वह बार बार कहती रही कि जोर जोर से चोदो! आज मैं बहुत दिनों बाद चुदवा रही हूँ!
मैं उसको जोर जोर से चोदने लगा!
वो- आ आ इ इ इ संजय बहुत मजा आ रहा है! जल्दी से अपने कामरस से मुझे भर दो!
मैंने पूछा- चूत में डालूं या मुँह में लोगी?
उसने कहा- पहले चूत में भर दो, मुँह में तो बाद में ले लूँगी! तेरे रस का स्वाद तो चखना ही है!

मैंने जल्दी से उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया!
अब हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर लेट गए और बातें करने लगे!
मैंने पूछा- पहले किस से चुदवाया है?

उसने नहीं बताया पर कुछ जोर देने पर कहने लगी- तुमको भी अपनी सारी बात बतानी पड़ेगी!
मैंने कहा- ठीक है! पहले अपनी बताओ, फिर मैं भी बता दूंगा!
उसने कहा- भैया शादी के पहले मुझको चोदते थे! पर शादी के बाद भाभी के डर से खुलकर नहीं चोद पाते!

इसी तरह बातें करते करते मैं उसके स्तनों और चूत और वो मेरे लंड से खेलती रही।
कहने लगी- तेरा लंड तो बहुत मस्त है! भैया का तो छोटा और पतला है! आज जितना मजा पहले भैया से चुदवा कर कभी नहीं आया! फिर वो कहने लगी कि अब अपनी बताओ!

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