प्रेषक – लक्ष्य

हाय दोस्तों,

मैं लक्ष्य, दिल्ली से फिर आपके लिए एक शानदार सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। मुझे मेरी पिछली कहानियों के लिए जिस तरह आप सबने टिप्पणियाँ भेजीं, उसने मुझे उत्साहित किया। तो मैं अब आपको अपना नया अनुभव सुनाता हूँ।

यह बात पिछले हफ्ते की है जब मैं अपनी मेल चेक कहा था, तो एक मेल मुझे प्रीत-विहार की एक महिला का मिला, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पति एक एन. आर. आई. हैं और इसलिए उन्हें मेरी सेवा चाहिए। पर वह अपने घर पर नहीं बुला सकती और मुझे ही कमरे की व्यवस्था करनी होगी। मैंने उन्हें हाँ कह दी और कहा कि जब भी आपको मेरी सेवा चाहिए तो आप मुझे दो दिन पहले मेर कर दें और अपना नम्बर दे दें।

तीन दिनों के बाद मुझे उनका मेल मिला कि वह अगले दिन मज़े करना चाहतीं हैं, साथ में उन्होंने अपना नम्बर भी दिया था। मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने बताया कि उनका नाम प्रिया है और वह ३६ साल की हैं। हमने अगले दिन मिलने की जगह तय की और फिर उन्हें अपने कमरे पर ले आया।

मैंने ए.सी. ऑन किया और उनसे पूछा कि क्या आप बीयर लेना पसन्द करेंगी, तो उन्होंने हाँ में जवाब दिया। मैं फ्रिज़ मे से ३ बीयर निकाल लाया और थोड़े नमकीन भी। फिर हम बीयर पीते हुए बातें करने लगे। वह बेड पर मेरे पास आकर बैठ गईं और कहने लगी – “अब जल्दी करो, मुझे देर हो रही है।”

मैंने उनके गुलाबी होंठों को किस्स किया तो वह एकदम से सिसकारी भरने लगी… अअअ अआआ आहह्हहह ह्हहह… प्लीज़ जल्दी। फिर हमने जल्दी से एक-दूसरे के कपड़े उतारे और उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में कसकर एक शानदार किस किया। फिर मैंने उन्हें अपनी बाँहों में उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया तब मैंने भरपूर नज़रों से देखा, वाक़ई शानदार बदन था। मुझे भी लगा कि शायद मैं भी अब और इन्तज़ार नहीं कर सकता, तो मैंने अपने हाथों को उनकी नरम और गोरी चूचियों की तरफ बढ़ाया और दबाने लगा।

अअआआ आआहहहह आआआ… फिर मैंने धीरे से उनके एक निप्पल को अपने होंठो में दबाकर चूसने लगा तो उन्होंने अपनी आँखें बन्द कर ली, और मेरे बालों में हाथ फिराने लगीं। तभी मैंने अपनी दो ऊँगलियाँ उनकी चूत में डाल दीं, तो उन्होंने चिहुँक कर अपनी आँखें खोल दीं और कहने लगी, प्लीज़, धीरे करो, मुझे कुछ हो रहा है। मैंने कहा, अभी तो यह बस शुरुआत भर है।

उन्होंने अपनी आँखें फिर से बन्द कर लीं। मैं अब उठा और अपना लंड उनके होंठों पर टिका दिया। उन्होंने भी बिना आँखें खोले ही अपनी जीभ से सुपाड़े को चाटना शुरु कर दिया, फिर उसके बाद अपना मुँह खोलकर पूरे लंड को चूसने लगी। क़रीब १० मिनट तक चूसने के बाद वह बोली कि अब रुका नहीं जा रहा, अब जल्दी से मुझे चोदो… प्लीज़, आई लव यू, प्लीज़ जल्दी करो।

ऐसी बातें सुनकर मेरा जोश भी बढ़ गया था। मैंने उनकी टाँगें फैलाकर एक जानदार धक्का दिया, तो वह कराह उठी, “प्लीज़, इतनी ज़ोर से मत करो।”

लंड क़रीब ३ इंच तक अन्दर चला गया था, फि

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