तो रूबी कहने लगी- इतना मजा पहली बार ले रही हूँ ! आज तक जिन्दगी में इतना मजा और तृप्ति मुझको कभी नहीं मिली !

मैं कहने लगा- रूबी, अब मैं चलता हूँ !

तो रूबी कहने लगी- अभी नहीं ! एक बार और हो जाये जय !

मैंने कहा- रूबी जी ! आपको खुश कर दिया, यही मेरा काम था। यहीं पर मेरा काम खत्म हो जाता हैं। अब रूबी जी मेरी फीस दो ! मैं चलता हूँ !

तो रूबी नशीली आँखों से मुझको देखकर बोली- आपकी फीस मिल जायेगी और वो भी मुँह माँगी। मुझको पता है कि आप फीस अपने हिसाब से लेते हो ! पर कोई बात नहीं अभी एक बार मेरी आग शान्त करके जाना जोकि बहुत दिन से भड़की हुई थी जय। यार जय ! ओ मेरे जय ! बस एक बार ! आप नाराज तो नहीं हो गये?

मैंने कहा- नहीं रूबी जी, ऐसी बात नहीं ! पर मेरा जो उसूल है, मैं उस पर ही अमल करता हूँ।

तो रूबी बोली- चलो आप अपना उसूल भी मत तोड़ो, मेरी एक छोटी सी बात मानोगे?

मैंने कहा- क्या ?

जय, मैंने आपसे दोस्ती के लिए कहा था !

चलो आपने कहा था कि मैं दोस्ती कर सकता हूँ पर आपने जो कहा था आपको आपकी फीस मिलेगी !

क्या अपने दोस्त की इतनी छोटी सी बात नहीं मानोगे जय।

मैंने कहा- चलो ठीक है, पर जैसा मैं चाहूँगा वैसा करूगाँ रूबी जी।

रूबी कहने लगी- मुझको सब कुछ मंजूर है, आप जो कहोगे वही होगा ! किसी बात पर भी कोई भी मेरी तरफ से आपत्ति नहीं होगी।

मैंने कहा- चलो ठीक है ! मुझको फँसा ही लिया आखिरकार तुमने ! चलो कोई बात नहीं।

रूबी खड़ी होकर चलने लगी तो मैंने कहा- मेरी जान कहाँ चली?

रूबी बोली- जय, बातों ही बातों में हम दोनों ठण्डे हो गये। मैं पहले आपके खाने के लिए कुछ लेकर आती हूँ !

और रूबी नंगी ही खड़ी होकर चल दी, मैं भी रूबी के पीछे पीछे चल दिया तो रूबी कहने लगी- जय जी, आप आराम करो, मैं अभी लेकर आती हूँ !

मैंने कहा- मैं भी साथ में चलता हूँ !

रूबी ने फ्रिज से तीन बीयर निकाली और पनीर निकाला और ड्रांइग रूम में मेज़ पर रखा। हम दोनों ने पनीर को छोटे टुकड़ों में काटा और एक दूसरे के नंगे बदन को देखकर हँसते रहे। फिर हमने बीयर पी वो भी एक ही गिलास में डालकर बारी बारी से। रूबी को अपनी गोद में बिठाकर २०-२५ मिनट तक हम दोनों जब तक बीयर खत्म नहीं हुई पीते रहें और पनीर खाते रहे। कभी मैं रूबी को अपने हाथ से पिलाता और कभी रूबी मुझे पिलाती।

हम दोनो ऐसे ही पीते रहे और एक दूसरे के साथ छेड़छाड़ करते रहे। अब हम दोनों पूरे शबाब में थे।

मैं बोला- रूबी ये तुम्हारी टांगों के बीच में क्या है?

तो रूबी बोली- जय मेरी नहीं ये तो आपकी टांगों के बीच में है !

हम दोनों नशे में एक दूसरे को पता नहीं क्या क्या बकते रहे और दोनो ऐसे ही झूमते रहे। फिर रूबी काफी देर के बाद बोली- जय कुछ करते हैं !

मैंने कहा- अब क्या करेंगे?

अरे आप तो बडे़ नशेड़ी निकले जो सब कुछ भूल गये?

मैंने कहा- जय कुछ नहीं भूलता ! आपके बदन की आग ठण्डी नहीं हुई क्या।

रूबी बोली- अबे जय ये नशे में तू क्या बोलने लगा?

मैंने कहा- रूबी जी, अब जय तो अपने घर जायेगा।

रूबी बोली- ओ जय, तू यहीं पर रहेगा !

मैं बोला- नहीं मैं तो अपने घर जाऊँगा !

और हम दोनों ऐसे ही बच्चों की तरह झगडने लगे- यार रूबी तेरे साथ तो झगड़ने बड़ा ही मजा आता है, तू तो बिल्कुल ही बच्ची है !

रूबी ऐसे बोली- बे जय, हम बच्चे ही तो हैं !

मैंने कहा- मेरी जान रूबी, आज मैं तो तेरी प्यारी गाँड मारूँगा ! तू मेरे लन्ड को खड़ा तो कर !

तो रूबी कहने लगी- नहीं जय, पहले तू मेरी चूत फ़ाड़ेगा !

मैं बोला- नहीं मैं तो पहले तेरी गाँड फ़ाडूँगा !

हम दोनों ऐसे ही झगड़ने लगे क्योंकि मैं भी नशे में था और रूबी भी ! क्योंकि हम दोनों ने मिलकर ५ बीयर जो डकार ली थी।

रूबी बोली- जय ऐसा करते हैं, जो पहले बैडरूम में जायेगा उसकी जीत होगी और पहले उसकी मर्जी मानी जायेगी !

मैंने कहा- कोई बात नहीं रूबी, हमें सब कुछ मंजूर है।

और हम दोनों लड़खड़ाते हुए बैडरूम की तरफ चलने लगे। मैं रूबी से आगे निकला ही था कि रूबी ने पीछे से मेरी टांग खींच ली और मैं गिर पड़ा तो रूबी तेजी से भागी। मैं भी कहाँ कम था, मैंने भी उठकर रूबी को बाहों में भर कर पीछे गिरा दिया और रूबी से पहले बैडरूम में पहुँच गया।

रूबी कहने लगी- ओ जय, तू तो बड़ा ही चीटर है।

मैंने कहा- रूबी तू बड़ी चीटर है।

और हम दोनों फिर झगड़ने लगे। रूबी मुझे गाली देती और मैं रूबी को गाली देता- साली हरामी चीटर, रूबी कहती- साले जय तू बड़ा चीटर है।

फिर हम दोनों में फैसला हुआ कि हम दोनों ही चीटर हैं। दोनों बारी बारी से अपनी अपनी जगह पर चुदाई करेंगे। मैंने रूबी से कहा- रूबी जी पहले आपकी बारी है।

तो रूबी कहने लगी- पहले आप करो ना ! अपना लण्ड मेरी गाँड में डालो !

मैंने कहा- नहीं, कोई बात नहीं ! पहले आप मेरे लन्ड को अपनी चूत में लो !

हम दोनों फिर ऐसे ही झगड़ने लगे।

मैंने कहा- यार रूबी, हम तो दोनों ही असली बात को भूल गए हैं और झगड़ने में लग गए हैं। चलो, मैं आपको गर्म करता हूँ ! आप मुझे गर्म करो !

और फिर हम दोनों ६९ की पोजीशन में होकर एक दूसरे को गर्म करने लगे। मैं रूबी की चूत को अपनी जीभ से चाट चाट कर गर्म करता और रूबी मेरे लन्ड को मुंह में लेकर चूसती और हाथ से मुठ मारती। ७-८ मिनट में मेरा लन्ड लोहे की रॉड की तरह से अकड़ गया। रूबी कहने लगी- यार तेरा औजार तो बहुत ही बड़ा हो गया है और मेरे मुहँ में भी नहीं आ रहा, अब क्या करूँ जय?

मैंने कहा- यार रूबी, तेरी चूत भी रस छोड़ने लगी है !

हाँ यार जय, मुझे तो बड़ा ही मजा आ रहा है, चलो अब मेरी चूत को फाड़ डालो जय।

मैंने कहा- नहीं रूबी, मैं तो पहले तेरी गाँड फाडूँगा !

तो रूबी बोली- जय अब हम झगड़ेंगे नहीं, क्योंकि हम अब नशे में नहीं हैं !

मैंने कहा- चलो कोई बात नहीं ! आप अब बैड से नीचे उतरो, मैं आपको एक नया ऐहसास देता हूँ।

रूबी एकदम से बैड से नीचे उतर करके नीचे खड़ी हो गई।

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