प्रेषक : हरी दास

सभी पाठकों को मेरा प्रणाम !

यह कहानी सच्ची है …

मेरी शादी होने के बाद जब मैं ससुराल गया और मेरी साली भैरवी को देखा तो देखते ही रह गया !

क्या बदन था … क़यामत थी … बड़े लम्बे बाल … गोरा रंग .. काली आँखें… बड़े बड़े स्तन …बड़े उभरे हुए नितम्ब …. आऽऽहा … क़यामत थी ….

शुरु में तो वो भाव खा रही थी … मेरी बीवी को बच्चा होने वाला था….मैं भी वहाँ रहता था … रोज काफी मस्ती होती थी। मैं भी उसको छू लेता था तो वो कुछ नहीं बोलती थी …

बाद में उसकी शादी हुई … उसकी उसके पति से नहीं बनी और उसने तलाक ले लिया।

अब वो मेरी साथ काफी बातें करती थी और खूब घुल मिल गई थी … जब भी मौका मिलता, मैं उसके बदन को छू लेता.. वो कुछ नहीं कहती।

एक दिन रात को मैं उसके कमरे में गया …. उसके बालों में हाथ घुमाया … केले जैसी पिन्डलियों पर भी हाथ घुमाया !

उसने कोई विरोध नहीं किया … मेरी हिम्मत बढ़ गई, मैं अपने होठों से उसके होंठ चूमने लगा …

उसको मजा आया, कहने लगी- मुझे तुम पहले से पसन्द थे !

फिर तो देरी किस बात की…

मैंने उसके संतरे जैसे स्तनों को हाथ में पकड़ा और मसलने लगा..

उसको भी मजा आ रहा था, कई दिनों से उसने लंड नहीं लिया था …

मैं तो उसको चाटने लगा। ऊपर का गाउन को हटा दिया, अब मेरे सामने वो सिर्फ पेंटी में थी और मैं उसले सारे बदन को चाटने लगा…

यह मेरी बहुत सालों से इच्छा थी जो आज पूरी हो रही थी….

उसके दोनों बूब्स जो मेरी जान थे, वो आज मेरे हाथों में थे …

वो कराह रही थी … काफी गरम हो रही थी….. उसकी गोरी काया ….. मुझे उत्तेजित कर रही थी… पूरा बदन जैसे किसी ने फ़ुरसत में बनाया हो ऐसा था…

मैं नसीब वाला हूँ… मेरी जीभ नीचे की ओर गई … एक भी बाल नहीं था …. मेरी जीभ ने अपना काम चालू कर दिया ….

वो भी काफी उत्तेजित हो चुकी थी !

मेरा ७ इन्च का लंड उसके हाथ में था ….

वो उसको अन्दर लेने के लिए बेताब थी ….

मैंने धीरे से उसकी चूत के मुँह पर लंड को रखा और एक ही झटके में आधा अन्दर घुसेड़ दिया…

क्या टाइट चूत थी… जैसे नई ….

वो बोली …ओह …धीरे से ….

दूसरे झटके में पूरा घुसेड़ दिया…

उसकी आँखों में से पानी निकल गया …

फिर भी बोली …. मजा आया .. जल्दी करो…

मैं तो चालू हो गया

झटके पे झटके ….

उसने दोनों पैर ऊपर उठा के मेरे कंधो पे रख दिए ….

झटके लग ही रहे थे कि उसने मुझे बोला … कुछ और स्टाइल करते हैं …

मैंने बोला- कुतिया बन जाओ…

वो घूम गई और झुक गई…..

क्या गांड थी…

मैं तो पागलों की तरह चूमने लगा !

तो वो बोली … अरे ! दीदी जग जायेगी… !

मैं तो उसकी गांड का छेद देखते ही रह गया…..और उस में डालने की सोचने लगा।

लेकिन उसने मेरा पकड़ के अपनी चूत में घुसेड़ लिया…

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