प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए

आज मैं जल्दी ऑफिस आ गया क्योंकि कुछ फाइल्स लेकर मुझे मुम्बई जाना था।

करीब 10-20 पर किरण का फोन आया, उसने बताया- भाभी-भैया अभी ऑफिस के लिए निकल चुके हैं, आप आ जाइए।

मैंने उससे कहा- यार, मेरी भाभी भी तो हैं, मैं क्या बहाना बनाउंगा?

तो उसने बताया- आपकी भाभी अभी-2 पड़ोस की आंटी के घर हवन में गई हैं और मुझसे कह गई है कि आप आज जल्दी घर आयेंगे और वो 2 बजे तक वापस आयेंगी। आप तुरन्त आ जाइए।

मैंने कहा- मैं आता हूँ।

फिर मैंने तुरन्त उसका सारा सामान जो कल खरीदा था, लेकर घर रवाना हो गया। किरण अपने गेट पर ही खड़ी थी, उसने कहा- आपके घर कि चाभी मेरे पास है।

मैंने उससे चाभी ली और घर खोल कर अपना समान रखा और बाथरूम में जाकर अपने लण्ड को पानी से खूब साफ किया और फिर वापस अपना घर बन्द कर के किरण के घर चला गया। तब तक किरण घर के अन्दर जा चुकी थी। किरण ने अपने ड्राइंगरूम का दरवाजा खुला ही छोड़ रखा था। मैं सीधे ही ड्राइंगरूम में पहुँच गया।

किरण सोफे के सामने खड़ी मेरा इन्तज़ार कर रही थी। आज किरण कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही थी, उसने बहुत ही प्यारा सा गुलाबी सलवार-कुर्ता पहन रखा था, बहुत हल्का सा मेकअप किया था। उसके सामने पहुँचते ही मैं अपने घुटने के बल बैठ गया और उसका एक हाथ पकड़ कर चूम लिया और फिर उसको चॉकलेट के बॉक्स पर लाल गुलाब की कली लगी हुई, भेंट की और कहा- प्लीज़ एक्सेप्ट इट, माई स्वीट हाईनेस।

इस पर वो बहुत खिलखिला कर हंसी और बोली- येस माई ड्रीम प्रिंस !

और फिर उसने अपने दोनों हाथों से पकड़ कर मुझे खड़ा किया।

इस पर मैं भी मुस्कराने लगा, खड़े होकर मैंने हल्के से उसके माथे को चूम लिया और अपनी बाहों में उसको जकड़ लिया, फिर मैंने उसके होठों को चूमा।

वो भी मेरे निचले होंठ को चूसने लगी।

इतने से जैसे मेरे लण्ड में करेन्ट दौड़ गया हो और फिर अनायास ही सलवार के ऊपर से ही मैं उसकी उभरी हुई गाण्ड पर हाथ फेरने लगा और कस-कस के दबाने लगा।

मेरा लण्ड तो मानो पैन्ट को फाड़ने के लिए मचलने लगा हो, मुझसे रहा नहीं गया और चूमते-चूमते अपने एक हाथ से उसकी चूची कस कर दबाने लगा।

अचानक किरण के मुँह से आह्ह्ह्ह की आवाज निकली, वो बोली- थोड़ा सब्र रखिये ! यहीं खड़े खड़े सब कुछ करेंगे क्या?

फिर मैं उससे अलग हुआ और बोला- सॉरी यार ! अब रहा नहीं जाता !

तो वो मुस्कराने लगी और बोली- क्या लेंगे। ठन्डा या गरम?

तो मैंने मादक मुस्कराहट के साथ अपनी जुबान होठों पर फेरते हुए कहा- मैं तो गर्म-गर्म तुम्हारा बुर-रस पियूँगा।

वो कुछ शरमाते हुए बोली- धत्त ! आप बहुत बदमाश हैं।

मैंने कहा- यह आपकी ही मेहरबानी है।

फिर मैंने उसकी कमर में हाथ डालते हुए उसके बेडरूम में ले गया और उसको बिस्तर पर बैठा दिया। साथ ही उससे चिपक कर मैं बैठ गया और उसकी चूचियों पर से दुपट्टा हटा दिया।

उसने गहरे गले का कुर्ता पहन रखा था जिससे उसकी लगभग आधी चूची बाहर नजर आ रही थी। वो गजब की सेक्सी लग रही थी यह देख कर तो मेरा लण्ड ही अकड़ गया। फिर मैं कुर्ते से बाहर आधी निकलती हुई चूचियों को चूमने चाटने लगा और दोनों चूचियों के बीच की दरार(क्लीवेज़) में जीभ डाल कर चूसते-चूसते हम दोनों एक साथ बिस्तर पर अपनी-2 टांगें बिस्तर के नीचे लटकाते हुए लेट गए।

फिर उसने मेरा सर पकड़ कर अपनी चूचियों पर दबाना शुरू कर दिया और अपनी आँख बन्द कर के सीसियाने लगी। कुछ देर के बाद मैं फिर से उसके होठों को चूमने लगा और एक हाथ से उसकी चूची दबाने लगा और अपनी एक टांग उसकी कमर पर रख दिया।

यह सिलसिला करीब 8-10 मिनट चला। फिर मैंने उसको उठाया और उसका कुर्ता उतार दिया। उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी थी जिसमें उसके बड़ी-2 चूचियाँ कैद थी।

मैंने उससे कहा- तुम्हारे इन कबूतरों को कैद से छुड़ा दूँ?

इस पर उसने मदहोश निगाहों से देखा और धीरे से बोली- यह सब आपकी ही अमानत हैं, इनके साथ जो करना हो वो करिये।

मैं मुस्कराया और पीछे सर कर के उसकी ब्रा का हुक खोल दिया, फिर जब उसको सामने से देखा तो दंग रह गया।

उसकी चूचियाँ इतनी बड़ी थी कि उसके आधी-2 बाहों को छुपा रहीं थी। उसके गहरे भूरे रंग के चुचूक लगभग एक सेन्टीमीटर के होंगे जो कि पूरी तरह से खड़े थे, जैसे वो मुझे बुला रहे हों।

मैं तुरन्त एक चूची को दबाने लगा और दूसरी चूची की घुन्डी को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। फिर मैंने उसकी सलवार उतारने के लिए उसको खड़ा किया और नाड़ा खोल कर सलवार को उससे अलग किया, नीचे उसने गुलाबी रंग की ही पैन्टी पहन रखी थी। लगे हाथ मैंने उसको भी उतार फेंका। उसकी गद्देदार बुर शेव की हुई थी। ठीक बुर की दरार के ऊपर हल्की झांटों से मेरे वास्तविक नाम का प्रथमाक्षर लिखा था।

अनायास ही मेरा हाथ उस पर चला गया और सरकते हुए उसकी बुर तक पहुँच गया। उसकी बुर बिल्कुल गीली हो चुकी थी। फिर मैंने अपनी बीच की उंगली उसमें डाल दी। इसके बाद वो मुझसे लिपट गई। फिर मैंने उसको अपने से अलग किया और दो कदम पीछे हट कर मैंने उसे गौर से देखा और लगा कि शायद किरण की सुन्दरता को बयान करने के लिए मेरे जैसे लेखक के पास उपयुक्त शब्द ही नहीं हैं, वो अद्वितीय लग रही थी, मैं मन्त्रमुग्ध सा खड़ा रहा।

फिर उसने पूछा- आप क्या देख रहे हैं?

मैं एकदम से चौंक कर बोला- कुछ नहीं ! तुम यह बताओ कि तुम्हारे बदन का आकार क्या है?

वो बोली- 36-28-34

मैंने कहा- तुम्हारे जैसी बदनाकृति लाखों में एक होती होगी।

फिर मैंने उसके पास जाकर उसको अपनी बाहों में समेट लिया और ताबड़तोड़ चूमने लगा। फिर उसने मुझे अपने से थोड़ा अलग किया और मेरी कमीज उतारने लगी। मैंने उसका सहयोग किया। तत्पश्चात उसने मेरी जीन्स का बटन खोला और ज़िप खोल कर जैसे ही जीन्स नीचे खिसकाई, वैसे ही मेरा खड़ा लण्ड उसके मुँह से टकराया। वह एकदम चौंक गई। फिर उसने बड़े गौर से मेरे लण्ड और सीने को निहारा और बोली- माई गॉड ! आपका बदन तो प्राकृतिक रूप से ही बाल रहित है, आप बहुत सेक्सी दिख रहे हैं। और आप का ‘ये’ तो बहुत बड़ा और मोटा है, उस पर काला तिल आपके लण्ड को और सेक्सी बना रहा है। आपने जो फोटो भेजी थी उसमे तो काफी छोटा और पतला नजर आता था।

मैंने कहा- फोटो और असलियत में हमेशा फर्क होता है।

तो वो बोली- मुन्ना, मुझे डर लग रहा है ! इतना बड़ा कैसे जाएगा?

मैंने पूछा- अच्छा यह बताओ कि तुमने पहले कभी किसी के साथ चुदाई की है या नहीं?

वो बोली- मैंने सिर्फ अपनी उंगली की है, किसी के साथ अभी तक कुछ नहीं किया।

फिर मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, सब ठीक हो जायेगा।

तुरन्त ही मैंने उसे कूल डाउन किया और बोला- लो इसे पहले चूसो…

वो बोली- नहीं, मुझे ठीक नहीं लगेगा।

मैंने कहा- चैटिंग में तो तुम मेरे लण्ड को बहुत चाव से चूसती थीं और जब तुम्हारे सामने मौका है तो तुम मना कर रही हो?

तो वो बोली- चैटिंग की बात और है। वहाँ तो सब बातों ही में होता है। लेकिन यह तो वास्तविकता है।

मैंने कहा- एक बार कोशिश तो करो।

उसने कहा- ओ के।

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